श्रमिक काम करने आए ही नहीं और भुगतान उठा लिया


झालावाड़.कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट में श्रमिक लगाने में मिलीभगत कर थर्मल को जमकर चुना लगाया जा रहा है। हाऊस किंपिंग में अवैध रुप से पांच श्रमिक लगाकर भुगतान उठाने का मामला सामने आया है।
थर्मल में इसकी जांच के लिए थर्मल के ही सहायक अभियंता ने चीफ इंजीनियर सहित ऊर्जा विभाग को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई के लिए लिखा है। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
शिकायत करने वाले सहायक अभियंता रमेश चन्द्र को उच्चाधिकारियों ने पद का दुरूपयोग कर हाउसकिंपिंग से हटाकर कार्मिशियल प्लांट एपिशिएंसी में लगा दिया गया है। सहायक अभियंता रमेश चन्द्र ने बताया कि थर्मल के गेट पर एन्ट्री नहीं होने से सारी गड़बड़ हो रही है। जो लोग मौके पर मौजूद ही नहीं है उनका भी ठेकेदार फर्म द्वारा अधिकारियों से मिलकर एक लाख से अधिक का भुगतान उठाने का मामला सामने आया है।

इतना उठा लिया भुगतान-
थर्मल में फर्म द्वारा पाच सफाई कर्मचारियों के मौके पर एक दिन भी काम नहीं करने के बाद भी मई 2019 से सितम्बर 2019 तक का भुगतान उठा लिया है। ऐसे में सहायक अभियंता ने मैन पावर पूरी नहीं होने पर फर्म पर 7500 पैनल्टी लगाई थी। वहीं फर्म द्वारा पांच सफाई कर्मचारियों का एक लाख 38 हजार 872 रुपए व पैनल्टी आदि का मिलाकर करीब एक लाख 87 हजार रुपए से अधिक का अवैध भुगतान बन रहा है।

श्रमिकों की गेट पर एंट्री नहीं होती है-
कालीसिंध थर्मल में श्रमिकों की गेट पर एंट्री नहीं होने से सारी गड़बड़ हो रही है। ऐसे में ठेकेदार फर्जी तरीके से हाजरी लगाकर जो श्रमिकों एक भी दिन थर्मल में काम करने नहीं आए उनका भी भुगतान उठा रहे हैं।

इनके नाम से उठा रहे भुगतान-
अभियंता ने दिए ज्ञापन में बताया कि काम करने वाली फर्म मैसर्स रामनिवास नेहरा द्वारा अपने निकट रिश्तेदार हरियाणा निवासी धर्मवीर, वीरेन्द्रसिंह, अनिल कुमार, विनोद कुमार, विक्की के नाम से अवैध तरीके से हस्ताक्षर कर हाजरी लगाकर इनके नाम से एक लाख से अधिक का भुगतान उठा लिया है। जबकि ये एक दिन भी काम पर नहीं आए है।

पहले तो आरोप नहीं लगाए-
रमेश चन्द्र की 15 दिन पहले हाउस किंपिंग स बदली हो गई इसलिए अब ऐसे आरोप लगा रहे हैंए ऐसी कोई बात नहीं है। डेढ़ साल पहले तो इन्होंने कोई आरोप नहीं लगाए। शुरूआत में मैं इन लोगों को पानीपत से लाया था। हाउस किंपिंग को राजस्थान में सफाई में प्रथम अवार्ड मिला है। अच्छे से काम कर रहे हैं कोई गड़बड़ नहीं की हैए कहने को कोई भी कुछ भी कहता रहे।
रामनिवास नेहरा, ठेकेदार।

कमेटी बना दी है-
इस मामले में एक कमेटी बना दी गई हैए वो जांच कर रही हैए उसकी जांच आने के बाद ही पता चलेगा। अधिकारी फिजिकल चेक करने के बाद ही भुगतान करते हैंए ऐसे बिना काम के कैसे भुगतान हो सकता है। हमारे यहां गेट पास बनाए जाते हैंए उसके बाद ही अंदर एन्ट्री होती है। इनकी शिकायत तथ्यात्मक नहीं है। फिर भी जांच करवा रहे हैं।
सीपी हिमांश, अतिरिक्त चीफ इंजीनियर, कालीसिंध थर्मल।

झूंठ बोल रहा-
ठेकेदार झूंठ बोल रहा है। मेरे से पहले कोई भी अधिकारी रहा होए रिकवरी तो मैने निकाली है। अवैध तरीके से एक लाख 38 हजार का भुगतान उठाने के मामले में मैंने 48900 रुपए की पैनल्टी फर्म पर लगाई है।
रमेश चन्द, सहायक अभियंता कालीसिंध थर्मल।



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/workers-did-not-come-to-work-and-paid-6504170/

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