पीडि़तों को सायबर ठगों से वापस रकम दिलाई

jhalawar .झालरापाटन. पुलिस ने सायबर ठगी के माध्यम से कस्बे के दो जनों से ठगे एक लाख पांच हजार रुपए वापस कराए। पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग सिद्दू ने बताया कि हरिश्चंद्र कॉलोनी निवासी शुभम गुप्ता ने दिए परिवाद में बताया था कि उसके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने उसे प्रार्थी के पिता का मित्र होना बताते हुए रुपए उधार लेने की जानकारी दी और ली गई रकम ऑनलाइन जमा कराने की बात कहते हुए उसे लिंक पर क्लिक करने को बोला। जिससे प्रार्थी के बैंक खाते से उसने धोखाधड़ी कर 75 हजार रुपए निकाल लिए। वहीं बकानी निवासी वारिधी जैन ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजॉन से सामान आर्डर किया था। सामान नियत समय पर डिलिवर नहीं होने पर उसने गूगल पर कस्टमर केयर के नंबर सर्च कर बात की। इस पर उसके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को अमेजॉन का प्रतिनिधी बताकर आर्डर किए गए सामान की राशि रिफंड करने के नाम पर पेटीएम के माध्यम से 50 हजार रुपए की राशि निकाल ली। पुलिस ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसका खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, आईपीएस अमित बुडानिया के निर्देशन में थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह शेखावत, साइबर विशेषज्ञ महिपाल की टीम गठित की। इसने पीडि़तों के बैंक खातों का स्टेटमेंट लेकर लेनदेन की जानकारी प्राप्त की। जिसमें दोनों खातों में से फोन पे और पेटीएम के माध्यम से रकम स्थानांतरित करना पाया गया। उसके बाद टीम ने पेमेन्ट गेटवे नोडल से समन्वय स्थापित कर ट्रांसफर हुई राशि को वॉलेट व खाते में रूकवाया और संबंधित खातों को फ्रीज व ब्लॉक करवाकर शुभम को 75 हजार रुपए व वारिधी जैन के 30300 रुपए वापस कराए। वारिधी को शेष राशि दिलवाने के भी प्रसाय जारी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सायबर ठग नित नए अपना रहे है। जिसमें मोबाइल नंबर व बैंक खाते पूर्णतया फर्जी रहते है। जालसाज लोगों को अपनी बातों में फंसाकर रूपए ट्रांसफर करवाते है। उनके खाते ऑनलाइन रूप से अन्य स्थान पर खुलवाए जाते है जबकि वे निवासरत कही ओर रहते है। दस्तावेज भी फर्जी तरीके से डब किए हुए होते है। ऐसे ठग झारखंड व पश्चिम बंगाल क्षेत्र से ही सारी गतिविधियां कर रहे है।
आमजन से अपील
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सायबर ठग राज्यों एवं केन्द्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों ने उनके दस्तावेज लेते है। जिनका उपयोग ठगी व सिमकार्ड प्राप्त करने, बैंक खाते खुलाने के लिए करते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति को खाते से संबंधित कोई निजी जानकारी, ओटीपी नंबर शेयर नही करें और अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक पर क्लिक न करें।



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/victims-got-money-back-from-cyber-thugs-6970783/

Comments

Popular posts from this blog

Drinking Water Supply Big News....झालावाड़ और झालरापाटन को अब रोजाना 50 लाख लीटर अतिरिक्त पानी मिलेगा

झालावाड़ में मकान-दुकान खरीदना हुआ महंगा

ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद मिलेगा स्टाम्प, पुरानी व्यवस्था में बदलाव