Kota division heavy rain...खेतों में ही अंकुरित होने लग गई सोयाबीन, मक्का
झालावाड़. जिले में लगातार हो रही बारिश अब किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। खेत लबालब भरने होने से सोयाबीन, मक्का आदि की फसलें खेतों में ही अंकुरित होने लग गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान होगा। किसान परेशान है। रटलाई. कस्बे सहित क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से जोरदार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। किसानों के अनुसार पहले तो अतिवृष्टि से फसल खराब हो गई और अब जब फसल पकने की कगार पर है तो लगातार हो रही बारिश से बीज की क्वालिटी खराब हो रही है और फलियों के अंदर ही अंकुरण प्रारंभ हो गया है। कृषि पर्यवेक्षक करण सिंह लोधा और राजेंद्र पाटीदार ने गांव रीझौन,देवडूगरी और लाल्याखेड़ी में फसलों का सर्वे किया। जिसमें किसानों ने समस्याएं बताई। मौके पर किसानों ने े बताया कि पानी खेतों में बहने एवं जमा होने से फसलें पीली पड़ गई है।
खेत लबालब
भालता. कस्बे व क्षेत्र में पिछले 2 दिनों से जारी बारिश रविवार को थमने से लोगों ने राहत महसूस की। शुक्रवार व शनिवार को हुई जोरदार बारिश से निचले क्षेत्रों के खेत लबालब व फसलें जलमग्न हो गई। बैरागढ़ व आसपास के गांवों में मानसून की बारिश देर से होने के कारण बुआई जुलाई के आखिरी सप्ताह के बाद संभव हुई थी। करीब एक महीने देरी से बुआई के बाद इनदिनों मानसून सक्रिय है।
पानी भरने से फसलों को नुकसान
बकानी. कस्बे सहित क्षेत्र में बरसात का पानी खेतों में भर गया है। इससे किसानों को पकी पकाई फसल नष्ट होती दिखाई दे रही है। अरमान कालीसिंध नदी के पानी में बहते नजर आ रहे हैं। गत दिवस कालीसिंध नदी में भारी पानी की आवक और कुंडलिया बांध के सभी गेट खोलने से खेतों में पानी फैल गया है। जहां नानोर, रेपला, देवर, कोटड़ा, देवनगर के नदी के पास स्थित सभी खेतों में सोयाबीन मक्का, उड़द आदि फ सल में नदी का पानी भर गया, फसल खराब हो गई है। कोटड़ा निवासी घनश्याम, सुरेन्द्र शृंृंगी, जगदीश, दशरथ आदि ने बताया कि पानी से फसल डूब गई। रेपला निवासी चंद्रप्रकाश पोटर, प्रेमचन्द जोगी, शांताराम आदि ने बताया कि फसल पक चुकी थी लेकिन नदी के पानी में डूबने से अब आजीविका चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/soybean-maize-started-sprouting-in-the-fields-itself-7078051/
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