असली-नकली का पता नहीं, खेतों में डाल दिया 75 करोड़ का खाद
पत्रिका पड़ताल
हरिसिंह गुर्जर
झालावाड़. जिले में 85 फीसदी से अधिक रबी सीजन की बुवाई हो चुकी है। किसान खेतों में अब तक करीब 75 करोड़ का खाद डाल चुके हैं। नकली खाद के मामले सामने आने के बाद किसान चिंतित है कि उन्होंने जो खाद डाला है वह असली है या नकली इसका पता नहीं। क्योंकि जिले में बड़े पैमान में नकली खाद बेचा जा चुका है। नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद अब कृषि विभाग हरकत में आया है और आनन-फानन में कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार ने रबी की बुवाई शुरू होने से पहले कृषि उप निदेशक से लेकर कृषि पर्यवेक्षकों तक को खाद-बीज के सैम्पल लेने का लक्ष्य दिया था, लेकिन जब जिले में नकली खाद बेचा जा रहा था अधिकारी सोए हुए थे, पुलिस की ओर से मिश्रोली थाना क्षेत्र में नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद अधिकारी अब जांच के लिए दौड़ रहे हैं।
658 खाद की दुकानें संचालित-
जिले में 658 उर्वरक की दुकाने है। जन पर बड़ी मात्रा में खाद बेचा जा रहा है। लेकिन विभाग के पास चार ही निरीक्षक होने से दुकानों का निरीक्षण नहीं हो पा रहा है। खाद के नमूने आदि लेने का काम प्रभावित हो रहा है, वहीं किसानों को यूरिया, डीएपी व सिंगल सुपर फास्फेट सहित बीज व कीटनाशक आदि के नाम पर खूब लूट जा रहा है। ऐसे में किसानों की जमीन भी बंजर हो रही है, वहीं किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसान के अर्थिक नुकसान व जमीन को बचाने का जिम्मा जिस विभाग के पास है उन्हे नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्ती करने की जरूरत है। कृषि विभाग के पास जिलेभर के लिए 10 निरीक्षकों के पद स्वीकृत है, लेकिन विभाग के पास मात्र 4 ही निरीक्षक है।
14 सैंपल अमानक-
जिले खाद, बीज व कीटनाशक के जो सैंपल लिए गए है, उनमें से 11 सैंपल अमानक पाए गए है। जिसमें बीज के 94 में से 3, खाद के 75 में से 9, कीटनाशक के 55 में से 2 सैंपल अमानक पाए गए है।
जिले में इतनी है दुकानें-
बीज की दुकानें- 665
उर्वरक की दुकानें-658
कीटनाशक की दुकानें- 640
फैक्ट फाइल-
इतना बेच चुके हैं खाद
खाद एमटी राशि
यूरिया 38509 20 करोड़
डीएपी 9871 23 करोड़
एसएसपी 57805 32 करोड़
धरती पुत्रों का छलका दर्द-
1.दुकानदार किसानों के साथ इन दिनों धोखा कर रह रहे हंै, नकली खाद से मिट्टी को काफी नुकसान हो रहा है, मृदा की उर्वरवा क्षमता घट रही है। कृषि विभाग को धरती को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
रघुवीर धाकड़, किसान व कृषि विशेषज्ञ ओडियाखेड़ी।
2. किसानों को इन दिनों काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। खाद-बीज के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है। किसान बिना हिसाब के मनमर्जी से उर्वरक, कीटनाशक व खरपतवार का उपयोग कर रहेहै, उससे जमीन बंजर होने की संभावना बनी हुईहै। जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
मांगीलाल दांगी, युवा किसान, हिम्मतगढ़।
कृषि अधिकारी भूपेन्द्रसिंह शेखावत से सीधी बात-
सवाल-नकली खाद बीज से किसानों का शोषण हो रहा है आप क्या कदम उठा रहे हैं
जवाब- किसानों को सलाह दी जाती है कि वह पंजीकृत दुकान से सामान खरीदे और पक्का बिल जरूर लें। फिरभी कहीं कोई शिकायत है तो उसके लिए हमें शिकायत करें उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
सवाल- खाद की कालाबाजारी हो रही है
जवाब-किसान अनावश्यक भंडारण नहीं करें इससक कमी नहीं होगी तो किल्लत से निजात मिल सकेंगी। खाद पर्याप्त है।
सवाल- निरीक्षक है नहीं, जिले में करीब एक हजार दुकानें हैं, कैसे मॉनिटरिंग कर रहे हैं
जवाब-निरीक्षकों की कमी के लिए विभाग को लिख रखा है, वहां से आनेके बाद ही फिल्ड में लगाए जाएंगे।
सवाल- किसान डीएपी, यूरिया व एसएसपी के बाजार में नकली होने की शिकायत कर रहे हैं।
सवाल - नकली खाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं कोई भी किसान 7014348303पर व्हाटसअप करके शिकायत कर सकता है।
विशेष सूचना: किसान भाई नकली खाद की शिकायत या कृषि विभाग से जुड़ी परेशानी के लिए 9413980981 पर कॉल करके बता सकते हैं।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/real-fake-is-not-known-fertilizers-worth-75-crores-were-put-in-the-fi-7192899/
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