खुनी सड़कें, हर दिन लील रही चार जानें
झालावाड़. जिले की सड़कों पर सफर करते वक्त आपको बहुत सावधान रहने की जरू रत है। जरा सी चूक जानलेवासाबित हो सकती है। जिले की सड़कें हर दिन औसत चार लोगों की जान ले रही है। सड़क हादसों का बड़ा कारण गढड़े और बेलगाम दौड़ते वाहन है।
जिले में आस-पास के क्षेत्र में पिछले दिनों हुए सड़क हादसों ने आम लोगों को झकझोर दिया। सड़क हादसों के नाम से ही अब लोगों को सिहरन उत्पन होने लगती है।
जिले में अक्टूबर माह में 132 लोगों की जान सड़क हादसों में जा चुकी है, वहीं नवंबर माह में आधा दर्जन हादसे ऐसे हुए है जिनमें मौके पर ही लोगों की मौत हो गई है। हादसों की वजह पता करें तो जो कारण सामने आए उनमें जल्दबाजी, लापरवाही, तेज रफ्तार और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की पालना की नहीं करना आदि है, अगर इनके प्रति सावधानी बरती होती तो हादसों से बचा जा सकता था।
एक माह में असनावर थाना क्षेत्र में 11 लोगों की गई जान-
जिले भर के 26 थाना क्षेत्र में 322 हादसे हुए है। जिनमें 439 लोग घायल हुए है। जिनमें 123 लोगों की जान सड़क हादसों में हुए है। जिसमें सबसे ज्यादा हादसे असनावर थाना क्षेत्र में 439 हादसे हुए है। जिसमें 123 लोगों की जान गई है।
तीन साल में 376 लोगों की गई जान
वर्ष हादसे घायल मौत
2019 429 475 116
2020 379 429 137
2021 322 439 123
इन हादसों ने झकझोर दिया-
केस एक-
15 नवंबर को अकलेरा हाईवे पर मेठुन नाके के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपति को कुचल दिया। जिसमें कुकलवाड़ा निवासी रईस मोहम्मद व उसकी पत्नी शहजाद बानो बाइक पर सवारहोकर किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए झालावाड़ की ओर आ रहे थे। लिंक रोड पर जैसे बाइक आई तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपति को कुचल दिया, जिसमें शहजाद बानों की मौके पर ही मौत हो गई।
केस दो-
23 नवंबर को झालरापाटन थाना क्षेत्र में
ग्रोथसेंटर क्षेत्र में एक व्यापारी को ट्रक ने कुचल दिया। इससे मौके पर ही मौत हो गई।संतरा व्यापारी कोलकाता निवासी नमो नारायण शर्मा पुत्र चन्तराम शर्मा उम्र 56 साल संतरे का व्यापार करने आया था,स्कूटी से चंद्रावती ग्रोथ सेंटर की ओर जा रहा था इसी दौरान ट्रोले के आगे के टायर चढऩे से व्यापारी की मौत हो गई।
केस तीन-
3 नवंबर को सुनेल थाना क्षेत्र के सलोतिया गांव में दीपावली से एक दिन पहले दर्दनाक हादसा हुआ। इस हादसे में दो परिवारों के चिराग बुझ गए। सुनेल-झालरापाटन मार्ग पर रात के समय बोलेरो-बाइक भिडंत में सलोतिया निवासी अंकित दांगी 22, विशाल दांगी 20 वर्ष की हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार बोलेरे की भिडंत इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ने अस्पताल जाने पहुंचने से पहले ही दम तौड़ दिया।
केस चार-
9 नवंबर को असनावर थाने में तैनात एक कांस्टेबल को डूंगरगांव की घाटी में तेज रफ्तार ट्रेक्टर ने टक्कर मार दी। इससे अस्पताल लाते समय मौत हो गई। सारोला निवासी कांस्टेबल दुष्यंत गुर्जर 27 पुत्र तोताराम को एसआरजी चिकित्सालय लाने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसों से बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान-
-गलत दिशा में वाहन न ले जाएं
- आगे और पीछे देखभाल कर ओवरटेक करें।
- शराब पीकर वाहन न चलाएं।
- आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बना कर रखे,
ताकि आगे वाला यदि ब्रेक लगाए तो आपको गाड़ी धीरे करने का पर्याप्त समय मिल सके।
-रात्रि में सड़कों पर अचानक सामने पशुओं के आने
से हादसे होने का अंदेशा रहता है। इसलिए वाहनों की रफ्तार धीरे व चालक का ध्यान पूरी तरह सड़क पर रहे।
- वाहन चलाने के दौरान मोबाइल का उपयोग कदापि नहीं करें।
-तेज रफ्तार में वाहन चलाने से बचें।
- वाहन चालाने के दौरान सड़क पर ही फोकस रखें।
- बस, कार व अन्य यात्री वाहनों में गैस सिलेंडर या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने से बचें।
कार्रवाई करेंगे-
हादसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं। जहां भी हॉट स्पॉट है, उन जगहों को चिन्हित कर रहे हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। ट्रेक्टरों से हादसे होने के भी कई केस हो रहे हैं। इस पर भी अभियान चलाकर लाइसेंस चेक करेंगे। अप्रशिक्षित चालक मिलने पर कठोर कार्रवाई करेंगे।
मोनिका सेन, जिला पुलिस अधीक्षक,झालावाड़।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/bloody-roads-taking-four-lives-every-day-7196566/
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