बुलडोजर चाल गयो बाबा को, साइकिल टीपू की टूटी.......
खानपुर. कस्बे मेे नवसंवत्सर पर बारां रोड स्थित खाकीजी महाराज आश्रम में भारतीय नववर्ष समारोह समिति के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन का लटेरी गौशाला के संत रामदास महाराज व मन्यागण के संत निरंजनाथ अवधूत ने दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। साथ ही अतिथियों के तौर पर विधायक नरेन्द्र नागर, समाज कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष मीनाक्षी चन्द्रावत व लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष व उद्योगपति ताराचन्द गोयल थे। रतलाम की श्रृंगार रस की कवि सुमित्रा सरल ने राजनीति पर व्यंग्य करते हुए बुलडोजर चाल गयो बाबा को, साइकिल टीपू की टूटी सुनाकर श्रोताओं को हंसा हंसा कर लोटपोट कर दिया।
उन्होंने गीत के माध्यम से राजनीति पर कटाक्ष कर चर्चित रचनाएं प्रस्तुत की। हास्य रस के कवि राजकुमार बादल ने श्रृंगार गीतों के माध्यम से कोरोना काल पर व्यंग्य कर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। हाड़ौती के वीररस के कवि निशामुनि गौड़ ने वीर रस की कविता मेरे दशरथ का राम सदियों से वन वन घूम रहा, अपनी ही धरती पर देखो अपना ही घर ढूंढ रहा सुनाया। मध्यप्रदेश के धार के हास्यरस कवि जॉनी बैरागी ने अपने चिर परिचित अंदाज में जिसकी शक्ति, भक्ति व मान सम्मान बिका नहीं, धन्य है वह शूरवीर राणा, जिसके आगे अकबर तक टिका नहीं, सुनाकर राजस्थान के शूरवीरों के इतिहास पर प्रकाश डाला।
देश बचालो तो मजहब भी बच जाएगा
गाजियाबाद के राष्ट्रीय कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने थाल पूजा का लेकर चले आइए, मंदिर की बनावट सा घर है मेरा सुनाकर रचना के माध्यम से पारिवारिक संबंधों को पर चिन्तन करने पर मजबूर कर दिया। वीर रस कवि विनीत चौहान ने अपने अनूठे अंदाज में कब समझेंगे देश बचालो तो मजहब भी बच जाएगा, निर्भय होकर हर वाङ्क्षशदा जब जन गण मन दोहराएगा सुनाकर श्रोताओं को भारत माता की जय व श्रीराम के नार लगाने पर मजबूर कर दिया।
भारतीय संस्कृति अनुसार स्वागत
हाड़ौती के श्रृंगार रस के कवि हाड़ौती के सिरमोर कवि दुर्गादान गौड़ ने अपने परिचित अंदाज मे हाडौती भाषा में कोयल, पपीहा मोर चलीग्या, सूख गई सारी अमराई, हर आंबा का मोर चलीग्या म्हारी आंख्या के आगे नन्दकिशोर चलीग्या सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। आयोजन समिति द्वारा समूचे पांडाल को भगवामय किया था, साथ ही सभी श्रोताओं को केसरिया दुपट्टा ओढ़ाकर तिलक लगाकर भारतीय संस्कृति अनुसार स्वागत किया। इससे पहले आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का स्वागत किया। कवि सम्मेलन के दौरान पांडाल खचाखच भरा रहा।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/national-poetry-conference-bulldozer-went-to-baba-tipu-s-cycle-was-br-7458724/
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