किसान भाइयों जितना जल्दी हो सके मंडियों में बेच दो गेहूं, निर्यात पर ब्रेक, घटेंगे दाम
झालावाड़, कोटा, दिल्ली। केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों गेहूं के निर्यात का रास्ता खोलकर खूब वाहवाही लूटी थी, निर्यात खोलने का सीधा फायदा देश और प्रदेश के किसानों को हुआ। जो गेहूं 1900 से 2000 रुपए क्विंटल में बिक रहे थे, वह 2200 से 2500 रुपए क्विंटल बिकने लग गए थे। दामों में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस कारण भारतीय खाद्य निगम की सरकारी खरीद प्रभावित हो रही थी। केन्द्र सरकार ने एफसीआई के गोदाम भरने के लिए फिर से गेहंू के निर्यात पर रोक लगा दी है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात पर रोक लगने से गेहूं के दामों में गिरावट आई है। किसानों को जल्दी से मंडियों में गेहूं बेच देना चाहिए, ताकि दाम अच्छे मिल सके। उधर केन्द्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तिथि 31 मई तक बढ़ा दी है।
निर्यात पर रोक की अधिसूचना जारी
केन्द्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि देश की समग्र खाद्य सुरक्षा का प्रबंधन करने और पड़ोसी व अन्य कमजोर देशों की जरूरतों का समर्थन करने के लिएए केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही अधिसूचना में कहा गया है कि अन्य देशों की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार के पास किए गए अनुरोध के आधार पर निर्यात की अनुमति दी जाएगी। निर्यात पर रोक के बाद से गेहूं के दामों में गिरावट आना शुरू हो गई है।
गेहूं निर्यात में भारत दो नम्बर पर
गेहूं निर्यात के मामले में रूस पहले नम्बर पर आता है। भारत दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण काला सागर क्षेत्र से गेहूं के निर्यात में गिरावट आने के बाद विश्व के गेहूं खरीदारों ने भारत की ओर रूख किया।
गेहूं की कीमत में 40 प्रतिशत की आई तेजी
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण गेहूं की कीमत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 40 प्रतिशत की तेजी आई है। रूस के बाद भारत गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक हैए इसके कारण भारत से गेहूं का निर्यात बढ़ गया है। तेजी से मांग बढऩे के कारण स्थानीय मार्केट में गेहूं व आटे की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकार के द्वारा इसीलिए गेहूं के निर्यात पर प्रबंधन लगा दिया है जिससे स्थानीय मार्केट में गेहूं व आटे की बढ़ रही कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/farmer-brothers-sell-wheat-in-the-mandis-as-soon-as-possible-brake-on-7533926/
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