जल जीवन मिशन: योजना की कछुआ चाल 82 हजार का लक्ष्य 15 हजार ही हुए कनेक्शन
झालावाड़. जिले में जलजीवन मिशन योजना की धीमी गति से वर्ष 2024 तक घर-घर नल पहुंचाने का सरकार का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
जिले में जल जीवन मिशन के तहत 2022 में करीब 80 हजार ग्रामीण घरों में पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था,लेकिन विभाग जिले में 15508 घरों में ही नल पहुंचा पाया है। वहीं जिले में 126 गांवों के करीब 30 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मार्च 2024 तक जिले के 1478 गांवों में करीब ढ़ाई लाख घरों में पेयजल के लिए घर-घर नल कनेक्शन का लक्ष्य है। राज्य सरकार प्रदेश स्तर से मिशन की मॉनिटरिंग कर रही है। वहीं गत दिनों जयपुर में हुई बैठक के बाद अधिकारी भी हरकत में आ गए है। हालांकि पेयजल के बजट को लेकर पिछले तीन साल से सियासत जारी है। योजना के तहत हर घर के प्रत्येक व्यक्ति को 55 लीटर के हिसाब से शुद्ध पेयजल मुहैया करवाना है।
इतने गांवों की स्वीकृति जारी हुई-
जल जीवन मिशन के तहत जिले में 1478 गंावों की स्वीकृति पूर्व में जारी हो चुकी है। वहीं 126 गांवों के लिए105 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। तो 103 गांवों के लिए कार्यादेश आ चुके हैं इसमें 15 गांवों में कार्य शुरू हो चुके हैं, इसमें टंकी से पाइप लाइन को जोडऩा शुरू कर दिया है। वहीं जिले के 126 गांवों में 30 हजार घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, शेष 1352 गांवों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति शुरू हो चुकी है।
84 लाख कनेक्शन का लक्ष्य-
जल जीवन मिशन के लक्ष्य हासिंल करना भी जलदाय विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभाग को प्रदेशभर में 84 लाख तथा झालावाड़ जिले में ढ़ाई लाख कनेक्शन जारी करने हैं। ये विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
जिले में इन 14 वृहृत परियोजनाओं से होगी पेयजल आपूर्ति:
-छापी
-छापी विस्तार
-गुलेंडी
-कालीखार
-जावर चंदीपुर
-परवन अकावद
-गागरोन
-रेवा
-भीमनी
-माधवी
- पिपलाज
- चंवली-रायपुर
-राजगढ-झाण्पाटन
- राजगढ़
अधिकारी जता चुके है नाराजगी-
जल जीवन मिशन जेजेएम अन्तर्गत राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) की बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जयपुर में हो चुकी है। जिसमें योजना की धीमी गति के चलते नाराजगी जता चुके हैं। जिसमें झालावाड़ जिले की प्रगति करीब 12-13 फीसदी ही रही।
योजना में 10 फीसदी जन सहभागिता-
जिले में सभी ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को 10 फीसदी राशि देनी है। लेकिन अभाव ग्रस्त घोषित खानपुर, डग व झालरापाटन पंचायत समितियों को 5 फीसदी राशि ही देनी है। जिले में 350 से अधिक गांवों में खाते खुल चुके हैं।इन सभी गांवों में उच्च जलाशयों से घर-घर नल पहुंचाया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग ग्राम समिति को करनी होगी।
जिला कलक्टर ने गति लाने के निर्देश-
हाल ही में जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक जिला कलक्टर डॉ.भारती दीक्षित की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार हुई थी। जिसमें जल जीवन मिशन, हर घर नल से स्वच्छ जल पर विस्तृत चर्चा की गई। दीक्षित ने अधिकारियों को इस काम में गति लाने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन: फैक्ट फाइल
- अब तक राशि खर्च 3 करोड़ से अधिक
- इस साल का लक्ष्य-70 हजार घरों तक पानी पहुंचाना
- जिले में जल जीवन मिशन में कुल गांव-1478
- प्रदेश में जल जीवन मिशन की कुल लागत- करीब 1 हजार करोड़
-जल जीवन मिशन में मार्च 2024 तक कुल 253316 घरों में कनेक्शन किए जाने का लक्ष्य
-जिले में 30 सितम्बर 2022 तक 78729 कनेक्शन किए जा चुके है
-जल जीवन मिशन तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 14 वृहद् पेयजल योजनाओं से 1352 गावों के लिए 222689 कनेक्शन की स्वीकृति है। जिसमें वर्ष 2022-23 का वार्षिक लक्ष्य 82540 है जिसके विरुद्ध 15508 कनेक्शन हो चुके है।
-एकल ग्राम पेयजल योजना में 126 ग्रामों में 30627 कनेक्शन किए जा चुके है। इस वर्ष का लक्ष्य 16 हजार 208 के विरुद्ध 4089 कनेक्शन किए जा चुके है।
-एकल ग्राम में इस वर्ष में जिले का वार्षिक लक्ष्य 2022-23 का 98748 है जिसमें 19597 कनेक्शन किए जा चुके है।
-जिले के 59 ग्रामों में शत प्रतिशत कनेक्शन पूर्ण हो चुके है। जिसमें से 11 ग्रामों का हर घर जल प्रमाण पत्र जारी हो चुके है,शेष का प्रक्रियाधीन है।
काम चल रहा है-
जल जीवन मिशन के तहत जिले में काम चल रहा है। कोशिश कर रहे हैं कि 2024 तक हर घर को शुद्ध जल मिल सके।
वीके गोयल, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, झालावाड़।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/jal-jeevan-mission-the-target-of-82-thousand-tortoise-moves-of-the-sc-7806940/
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