जिम्मेदार मौन: रबी बुवाई की तैयारी में ही लुटने लगे किसान


झालावाड़. जिले में भरपूर बारिश के बाद किसानों को रबी फसल से उम्मीदें बढ़ गई है। रबी मेें अच्छे उत्पादन के लिए किसानों ने रबी सीजन की तैयारी शुरु कर दी है। किसानों ने खेतों की हंकाई शुरु कर दी तथा खाद आदि भी खरीदना शुरु कर दिया है,तो दुकानदारों ने भी किसानों को लूटने की पूरी तैयारी कर ली। लेकिन जिला प्रशासन का इस कोई ध्यान नहीं है। खाद की मारामारी दिखाकर खाद पर 100 रुपए से लेकर 150 रुपए तक ज्यादा लिए जा रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। वहीं कोटा में आने वाली खाद की रैक में चारों जिले के अनुपात में मिलने वाली खाद झालावाड़ को नहीं मिल पाती है। ऐसे में दुकानदारों को पूरा मौका मिल जाता है कि मनमर्जी की रेट लें।
विशेषज्ञों ने बताया कि जिले में वर्षो से किसान रबी फसलों की बुवाई के समय डीएपी का इस्तेमाल आवश्यक रुप से कर रहे हैं। बाजार में डीएपी के अच्छे विकल्प मौजूद होने के बावजूद किसानों को वो रास नहीं आ रहे हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि किसान अब डीएपी की जगह सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया का इस्तेमाल करें।

निर्धारित रेट से ज्यादा ले रहे-
राज्य सरकार ने हर तरह के खाद पर रेट निर्धारित कर रखी है। जिसमें दुकानदारों का कमीशन भी शामिल होता है। इसके बावजूद भी दुकानदार डीएपी पर 150 रुपए अधिक ले रहे है तो यूरिया पर 35-35 रुपए अधिक लिए जा रहे हैं। जबकि निर्धारित रेट से अधिक रुपए लेना अपराध है।

जिले के अवहेलना-
सूत्रों ने बताया कि कोटा संभाग से चारों जिलों के हिस्से में आने वाला खाद बराबर नहीं मिल पाता है। संभाग में चार हजार एमटी खाद आता है तो उसमें से जिले को 5-6 एमटी
ही झालावाड़ को मिलता है। इस और अधिकारी व जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते हैं। इसके चलते ऐसा होता है।

ये हो सकता है विकल्प-
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि किसान एक बेग डीएपी में 23 किलो फास्फोरस व 9 किलो नाइट्रोजन होता है जबकि एक बेग सिंगल सुपर फास्फेट में 8 किलो फास्फोरस व 5.5 किलो सल्फर पाया जाता है। ऐसे में तीन बेग एसएसपी के साथ एक बेग यूरिया को डीएपी के विकल्प के रुप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ये डीएपी से सस्ता भी पड़ता है।


जिले में तीन लाख हैक्टेयर में होगी बुवाई-
जिले में इस बार अच्छी बारिश होने से रबी सीजन में अच्छी बुवाई होने की उम्मीद है।जिले में साढ़े तीन लाख हैक्टेयर में रबी की बुवाई होगी। जिसमें 58 हजार हैक्टेयर में दलहन तथा 66 हजार तिलहन सहित कुल साढ़े तीन लाख हैक्टेयर में रबी की बुवाई होगी।


जिले में खाद की उपलब्धता
खाद एमटी में
यूरिया 7490
डीएपी 4215
एसएसपी 29192
एपीकेएस 1464

सरकार द्वारा तय खाद की रेट
खाद रेट प्रति बेग
यूरिया 266 रुपए 50 पैसे
डीएपी 1350 रुपए
एसएसपी 450 रुपए
एपीकेएस 1470 रुपए


उपनिदेशक कृषि विस्तार: सत्येन्द्र पाठक से सीधी बात

सवाल: जिले में क्या खाद की कमी है
जवाब: जिले में कोई खाद की कमी नहीं है,यूरिया, डीएपी पर्याप्त है अभी और आने वाला है।

सवाल: यूरिया व डीएपी पर कई दुकानदार निर्धारित रेट से अधिक रेट ले रहे, क्या ये सही है

जवाब: खाद की सरकार ने रेट निर्धारित कर रखी है,कोई ज्यादा ले रहे है तो किसान इसकी हमें शिकायत करें, कार्रवाई करेंगे। अधिक रेट लेना गलत है।

सवाल: किसानों के पास डीएपी का विकल्प क्या हो सकता है
जवाब: किसान जो दलहन व तिलहन फसले बोना चाहते है उनके लिए एक विकल्प ये है कि वो एक बेग यूरिया व तीन एससपी के दें, इससे दाने की चमक बढ़ेगी। पैदावार भी अच्छी होगी।

रिपोर्ट हरिसिंह गुर्जर- खाद संबंधी कहीं कोई परेशानी हो तो 9413980981 पर बता सकते हैं



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/responsible-silence-farmers-started-looting-in-preparation-for-rabi-7808692/

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