जिम्मेदारों की अनदेखी: शहर की सफाई व्यवस्था का कर दिया 'कचराÓ

झालावाड़.हाल ही में निकला दीपावली पर्व लोगों को सफाई का संदेश दे गया। लोगों ने घरों की सफाई भी की और कचरा कचरा प्वाइंटों पर डाल दिया।
लेकिन नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की फौज होने के बाद भी शहर की सफाई नहीं हो पा रही है। शहर में जगह-जगह कचरे के ढ़ेर लगे हुए है। नगर परिषद में करीब 200 सफाई कर्मचारी है। ऊपर से 40 कर्मचारी ओर ठेके पर रख लिए। ऐसे में सफाई के नाम पर प्रतिमाह करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद भी शहर साफ सथुरा नजर नहीं आ रहा है। सफाई कर्मचारियों की इतनी मनमानी है कि त्योहार निकलने के बाद भी अभी तक कई लोग छुट्टी पर है। शहर में लोग शिकायत कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अधिकारी व जनप्रतिनिधि सफाई निरीक्षक को मौके पर भेजकर कचरा उठाने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी कचरा उठाने के लिए मौके पर नहीं जा रहे हैं। ऐसे में अधिकारी जनप्रतिनिधि करें तो क्या करें। इधर लोग लोग दुर्गंन्ध से परेशान है।

आखिर किस बात की ले रहे तनख्वाह-
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों को तनख्वाह ही इस बात की दी जाती है कि अपने-अपने वार्ड के हिसाब से सुबह-शाम वार्ड की सफाई व नालियों की सफाई करें। लेकिन तय जिम्मेदारी के अनुसार सफाईकर्मी अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में नगर परिषद में बैठे आयुक्त व सभापति किस बात की तनख्वाह दे रहे हैं। शहर कचरे से अटा होने के बाद भी जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारी आखिर क्यों इस ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

अधिकारियों के घरों पर सेवाएं-
नगर परिषद के एक दर्जन कर्मचारी जिला मुख्यालय पर आला अधिकारियों के घरों पर साफ-सफाई का काम करते हैं। ऐसे में उनका घर साफ-सथुरा नजर आना चाहिए उन्हे शहर की सफाई व्यवस्था से क्या मतलब। जनता को मलेरिया हो या डेंगू उन्हे तो स्वयं की सेहत से मतलब।

इसलिए नहीं हो रही मॉनिटरिंग-
सूत्रों ने बताया कि नगर परिषद में कई कर्मचारी राजनीतिक रसूखात के चलते काम नहीं करना चाहते हैं, अधिकारी व जनप्रतिनिधि काम करने के लिए बोलते है तो कई जगह से फोन आ जाते हैं। वहीं एक दर्जन से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यालय में काम कर रहे हैं। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो रही है। बावजूद इसके जिला कलक्टर का भी इस ओर ध्यान नहीं है।

लगे कचरे के ढ़ेर-
मूर्ति चौराहा के निकट शहर के राजकीय पीजी कॉलेज के कॉर्नर के पास गत तीन दिन दिनों से कचरे का ढ़ेर लगा हुआ है। यहां दिनभर सुअरों का आंतक रहता है। इससे शहरवासी परेशान है। कुछ इसी तरह के हालात बड़़े बाजार, मोटर गैराज, कालेबाबू की हवेली, इमाम सागर सहित शहर में कई जगह शुक्रवार को नजर आए। ये कचरे के ढ़ेर खुली आंखों से आम जनता को नजर आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं।

डेंगू फैलने का भय-
1.शहर में दिनभर कचरा पड़ा रहता है। उठाने वाला कोई नहीं है। अभी दीपावली का त्योहार निकला, उसका कचरा भी अभी तक नहीं उठाया गया। दिनभर जानवर मुंह मारते रहते हैं। इससे मच्छर पैदा रहे हंै डेंगू फैलने का भय बना हुआ है।
सुरेश कुमार संजय कॉलोनी,झालावाड़।

शिकायत कर चुके-
2.मूर्ति चौराहे पर कॉलेज के पास चार दिन से कचरे का ढ़ेर लगा हुआ है, नगर परिषद को दो-तीन बार शिकायत कर दी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब किससे शिकायत करें।
गज्जू, मूर्ति चौराह,झालावाड़।

जल्द उठवाया जाएगा-
अभी नगर परिषद के कई कर्मचारी अवकाश पर है। दीपावली पर बड़ी मात्रा में कचरा निकला इसलिए सफाई व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। कर्मचारियों को सफाई के लिए बोल दिया है, जहां भी ढ़ेर लगे हुए है जल्द उठवाया जाएगा।
प्रदीपसिंह राजावत, सभापति नगर परिषद,झालावाड़।



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/ignoring-the-responsibilities-the-garbage-of-the-city-s-cleanliness-7843098/

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