अब कालीसिंध थर्मल में बियरिंग बनी बैरन
झालावाड़. घटिया क्वालिटी के कोयले की समस्या से जूझ रहे कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट में समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही। पहले ही कोयले की समस्या के चलते उत्पादन आधा चल रहा है। अब यूनिट एक में बियरिंग की समस्या होने से और परेशानी बढ़ गई है, हालांकि थर्मल प्रशासन इसे जल्द ही दुरुस्त करने की बात कह रहा है। प्रशासन का कहना है कि बियरिंग की समस्या के चलते उत्पादन प्रभावित हैं। बियरिंग बदलने का काम चल रहा है। यह बदलते ही उत्पादन पूरी क्षमता से होने लगेगा।
पंखे में आ रही दिक्कत
प्लांट प्रशासन के अनुसार यूनिट एक में पंखे के बियरिंग में समस्या हो रही है। इसके चलते उसे पूरी क्षमता से नहीं चला पा रहे हैं। समस्या का समाधान होने के बाद ही पूरी क्षमता से चलाया जा सकेगा।
दूसरी से 300 मेगावॉट उत्पादन
वर्तमान में कालीसिंध थर्मल की दो यूनिट में से दूसरी बंद पड़ी है। इसे चालू होने में दो दिन का समय लगेगा। यूनिट एक से उत्पादन शुरू कर दिया है, लेकिन इससे 300 मेगावॉट ही उत्पादन हो रहा है। दूसरी इकाई से भी पिछले कुछ समय से पूरा उत्पादन नहीं ले पा रहे हैं।
खुद की खदान से कोयला लाने की तैयारी
थर्मल में पहले पीकेसीएल से कोयला आ रहा था। इसकी गुणवत्ता बढिय़ा होने से कोई समस्या नहीं आ रही थी। यहां कोयला खत्म होने के बाद उड़ीसा से कोयले की वैकल्पिक आपूर्ति की जा रही है। इसमें राख अधिक होने के साथ ही स्टोन पार्टिंकल भी बहुत हैं। इससे प्लांट को नुकसान न हों, इसके चलते उत्पादन कम कर दिया है। थर्मल प्रशासन गुणवत्ता वाले कोयले के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए खुद की खान से फि र से कोयला मंगवाया जा रहा है, लेकिन उसमें कुछ समय लगेगा। ऐसे में तब तक इस परेशानी से जूझना पड़ेगा।
source https://www.patrika.com/jhalawar-news/now-bearing-became-baron-in-kalisindh-thermal-7868773/
Comments
Post a Comment