Rajasthan Elections: जनता कहिन... झालावाड़ की आवाज क्यों नहीं उठाते, हमारा मुंह मत खुलवाओ
रणजीतसिंह सोलंकी/झालावाड़. कोटा से झालावाड़ की रोड कनेक्टिविटी बेहतर होने से 85 किलोमीटर का सफर सवा घंटे में तय करते हुए झालावाड़ पहुंचा। डर इस बात का सता रहा था कि दरा की नाल में जाम न मिल जाए, गनीमत रही कि यातायात सुचारू था। कोटा-झालावाड़ के बीच मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के कारण सात किमी का सफर अब भी जोखिम भरा है। झालावाड़ पहुंचने के बाद झालरापाटन और डग विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर राज्य सरकार के साढ़े चार साल के कामकाज, क्षेत्र के मुद्दे और विकास को लेकर लोगों का मन टटोलने का प्रयास किया गया। चुनाव दूर होने के कारण अभी लोग राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन सरकार की योजनाओं पर दो-टूक जवाब दे रहे हैं। विकास न होने की भी कसक है।
चन्द्रभागा नदी का संरक्षण जरूरी
झालावाड़ के गायत्री नगर निवासी युवा व्यवसायी गिरीश शर्मा से झालावाड़ के मुद्दों और विकास पर बात करनी चाही तो बोले, मुंह मत खुलवाओ भाईसाब...., मैं तो आप से ही पूछता हूं कि चार साल में झालावाड़ में क्या काम हुआ, एक तो बता दो। एयरपोर्ट का काम बंद पड़ा है। सड़कें-पुलियाओं का काम अधूरा है। आप भाजपा-कांग्रेस के नेताओं से पूछो, झालावाड़ की आवाज क्यों नहीं उठाते। झालावाड सरस डेयरी बंद हो गई और पिछली सरकार में लगा बड़ा उद्योग बंद हो गया। एक भी नेता ने आवाज नहीं उठाई। शम्भूसिंह हाड़ा ने कहा कि तीन दशक से रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन काम पूरा नहीं हुआ। यह रेल लाइन झालावाड़ के लिए माइल स्टोन साबित होगी। इसे पूरा करने पर जोर देने की जरूरत है। चन्द्रभागा नदी के संरक्षण की मांग भी उठाई गई।
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पत्नी के इलाज में मदद, नहीं मिला सस्ता गैस सिलेंडर
बातचीत के दौरान सामिया गांव के रमेश कुमार बोले, पिछले साल पत्नी बीमार हो गई थी। चिरंजीवी योजना में इलाज की सुविधा मिलने से काफी मदद मिली। इसी गांव के राधेश्याम का कहना था कि बीपीएल होने के बावजूद उज्ज्वला योजना के तहत गैस नहीं मिल रही। हालांकि सर्वे में दो बार नाम आ गया। रेस्टोरेंट के मालिक नारायण सिंह ने 100 यूनिट फ्री बिजली योजना को अच्छा बताया। सुनेल क्षेत्र के सेमला गांव निवासी शिवलाल नागर बोले, फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पानी की बड़ी समस्या, राजगढ़ बांध से हो आपूर्ति
भवानीमंडी पहुंचे तो कौशल शर्मा ने यहां सबसे बड़ी समस्या पेयजल को बताया। बोले, अभी पिपलाज डैम से जलापूर्ति हो रही है, लेकिन सीवरेज का गंदा पानी मिलने से इसमें दुर्गंध आती है। राजगढ़ बांध से जलापूर्ति की लगातार मांग की जा रही है। जब इस डैम से पानी झालरापाटन जा सकता है तो भवानीमंडी क्यों नहीं। यहां से जिला बनाने की मांग भी उठ रही है। डग क्षेत्र की चिकित्सा सेवाएं वेंटीलेटर पर हैं। ज्यादातर चिकित्साकर्मियों प्रतिनियुक्ति पर होने से मरीज परेशान हैं।
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एक दरवाजा राजस्थान में दूसरा मप्र में
भवानीमंडी बाजार में पहुंचे तो पता चला कि यहां मकान का एक दरवाजा राजस्थान की सीमा में खुलता है, तो दूसरा दरवाजा मध्यप्रदेश की सीमा में। राजस्थान में रात आठ बजे बाद शराब बिक्री बंद है। बगल में मध्यप्रदेश की सीमा में पूरी रात शराब की दुकानें खुलती हैं। इस कारण लोग परेशान हैं। भवानीमंडी स्टेशन पहुंचे तो देखा कि टिकट की कतार में जो लोग खड़े हैं, वे राजस्थान की सीमा में है और टिकट देने वाले मध्यप्रदेश की सीमा में। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराध होने पर कई बार सीमा का विवाद भी आता है।
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source https://www.patrika.com/jhalawar-news/rajasthan-assembly-election-2023-special-story-ground-report-of-jhalrapatan-and-dag-assembly-seat-8222457/
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