बांध की तलहटी में तरबूज, खरबूजे की खेती से मिल रहा फायदा

गुलेण्डी बांध की तलहटी में बसे बींदा गांव में उन्नत किस्म के तरबूज, खरबूजा, सब्जी गिलकी, कद्दू, लौकी, करेला, टमाटर ,चवला फली सहित अन्यसब्जियों की बुवाई करते हैं।

हर साल फल व सब्जियों की खेती से फायदा
बींदा व दहीखेडा गांव के किसान बांध का पानी खाली होने पर हर साल परंपरागत खेती के साथ गर्मी की सब्जियों व फल से भी मुनाफा कमाते हैं। अक्टूबर माह से किसान भूमि की हंकाई जुताई में जुट जाते हैं। यह खेती आषाढ़ माह तक चलती है। किसानों ने अपने कब्जे की खेती मुनाफा काश्त रूप में भी दी हुई है।

दोनो हाथों से विकलांग लक्ष्मीनारायण के पास कोई हुनर नहीं
बकानी क्षेत्र के लक्ष्मीनारायण के पास फ ल व सब्जी बुआई के अलावा कोई काम नही है। बिजली करंट से हाथ गंवा चुकने के बाद पिछले 10 साल से मुनाफ ा खेती कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं ।

गर्मी की सब्जी ने बढ़ाई आय
अकलेरा क्षेत्र के टपरिया निवासी रंगलाल बैरवा ने बताया कि वह पिछले 10 सालों से अपने खेत मे सर्दी में गाजर, पत्तागोभी, फूल गोभी आलू, मूली, तथा गर्मी में काली देसी ककड़ी,टमाटर हरी मिर्च, बैगन से लाभ ले रहे हैं। पिछले साल टमाटर से डेढ़ लाख, ककड़ी से १ लाख व सब्जी से 2 लाख की कमााई की है ।

मौसम में ठण्ड़क छाने से पैदावार में फर्क
किसान लक्ष्मी नारायण ने बताया कि इस बार तरबूज व खरबूज की खेती में मौसम में ठंडक छाई रहने से पैदावार में फ र्क पड़ा है। हर साल 2 से 5 लाख मुनाफ ा होता था, अब महज लागत व खर्च की गई रकम ही मिल पा रही है ।

इस्लाम अहमद — अकलेरा



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/watermelon-muskmelon-farming-8280323/

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