मनरेगा में अब फेस रीडिंग से लगेगी श्रमिकों की हाजिरी, रुकेगा फर्जीवाड़ा

एक्सक्लूसिव
- प्रथम चरण में 40 ग्राम पंचायत में लागू होगी नई व्यवस्था
- दूसरे चरण सभी 252 ग्राम पंचायतों में लागू होगी व्यवस्था
- जिले में 47 हजार 451 श्रमिक कर रहे काम

. मनरेगा में आए दिन हाजिरी लगाने के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े पर नए साल से पूरी तरह अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। जिले की प्रत्येक पंचायत समिति की पांच-पांच ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा कार्यों में श्रमिकों की हाजिरी अब मोबाइल पर ऑनलाइन फेस रीडिंग के माध्यम से होगी। जिले में मनरेगा कार्यों में लगातार हाजिरी के नाम पर फर्जीवाड़े कर घर बैठे लोगों को श्रमिक दिखाकर भुगतान उठाया जा रहा था। जबकि कई श्रमिक मनरेगा में रजिस्टर्ड होने के बावजूद कार्य स्थल पर नहीं पहुंच रहे थे। इन्हीं अव्यवस्थाओं को देखते हुए भारत सरकार ने फेस रीडिंग हाजिरी की नई व्यवस्था की है। ये आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लागू होगी।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होगा शुरु-
पहले चरण में झालावाड़ जिले की आठ पंचायत समितियों की प्रत्येक पांच-पांच ग्राम पंचायतों में यह कार्य शुरू किया जाएगा, जिसके तहत मेट श्रमिकों के घर-घर जाकर ईकेवाईसी पूर्ण करेंगे। ताकि वही फोटो फिल्ड में मनरेगा कार्य स्थल से फेस रीडिंग हाजिरी के समय मैच हो सके। इस तरह से मनरेगा कामों में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में धीरे-धीरे जिले की सभी 254 ग्राम पंचायतों में फेस रीडिंग हाजिरी की व्यवस्था लागू की जाएगी।

मनरेगा में रुकेगा हाजिरी का फर्जीवाड़ा-
सूत्रों ने बताया कि अभी मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी भरने में भी मेट द्वारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ऐसे में अब जो मजदूर मौके पर काम कर रहा है उसी की फेस रीडिंग से हाजिरी भराई में आएगी। ऐसे में घुंघट की आड़ में होने वाले फर्जीवाड़े पर अब पूरी तरह से रोक लग पाएगी।
ये होगा फायदा-
ऑनलाइन फेस रीडिंग हाजिरी व्यवस्था लागू होने से मस्टरोल में पारदर्शिता बढ़ेगी। नरेगा की हाजिरी का रेेकॉर्ड शिकायत होने पर कभी भी आसानी से जांचा जा सकेगा। डेटा एंट्री में लगने वाले समय की भी बचत हो सकेगी। इसके अलावा मनरेगा श्रमिकों को समय पर भुगतान का फायदा भी मिल सकेगा।

किस तरह लागू होगी व्यवस्था
-प्रत्येक ग्राम पंचायत में चल रहे मनरेगा कार्यों पर लगाए गए मेट को मनरेगा श्रमिकों की पहले ईकेवाईसी करनी होगी।
-मेट की ओर से रोजाना सुबह 11 बजे से पहले सभी श्रमिकों की फेस रीडिंग उपस्थिति व कार्यस्थल की फोटो अपलोड की जाएगी।
- श्रमिकों की उपस्थिति पखवाड़े के मध्य से प्रारंभ नहीं की जा सकेगी। पखवाड़ा शुरू होने के समाप्ति तक प्रतिदिन फेस रीडिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज हो सकेगी।

शुरुआत में आई तकनीकी परेशानी-

मनरेगा में फेस रीडिंग हाजिरी की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत कर दी गई है, लेकिन कुछ तकनीकी परेशानी आई है। उसके बारे में अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया। इस कार्य के लिए मोबाइल में काफी जीबी का स्पेस चाहिए व जो एप्पीकेशन दिया गया है। वहीं भी डाउनलोड नहीं हो पाया है। ऐसे में अब इस काम को 31 दिसंबर 2023 तक शुरु करना था, लेकिन तकनीकी परेशानी के चलते अब ये नए साल में ही फिर से शुरु हो पाएगा।


जिले में इतने श्रमिक कर रहे काम


पंस श्रमिकों की संख्या
अकलेरा 8309
बकानी 8517
भ.मंडी 2307
डग 6048
झालरापाटन 7381
खानपुर 5181
मनोहरथाना 1584
पिड़ावा 8061
कुल 47451

इनका कहना है-
जिले में पहले चरण में प्रत्येक पंचायत समिति की पांच- पांच ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरु किया जा रहा है। नए साल में सभी ग्राम पंचायतों में फेस रीडिंग की व्यवस्था लागू होगी। इससे कार्य में पूरी तरह पारदर्शिता आएगी, फर्जी हाजिरी पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
राजेश घाटिया, अधिशासी अभियंता, मनरेगा,जिला परिषद, झालावाड़।



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/now-workers-attendance-will-be-checked-in-mnrega-through-face-reading-8653372/

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