रेजीडेंट की हड़ताल से एसआरजी चिकित्सालय की व्यवस्था चरमराई

मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के 280 रेजीडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है तथा प्रोफेसर के अभाव में थिसिस पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में रेजीडेंट को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। इसको लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है।


भटकते रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज के सारे काम ही रेजीडेंट संभालते हैं, ऐसे में सोमवार को मेडिकल कॉलेज व एसआरजी चिकित्सालय के मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसआरजी चिकित्सालय में 80 फीसदी काम ही रेजीडेंट संभालते हैं। रेजीडेंट पूरे 24 घंटे मरीजों की मॉनिटरिंग करते हैं, ऐसे में सोमवार को मरीजों के प्लास्टर चढ़ाने, ऑपरेशन व गायनी विभाग आदि जगह डॉक्टरों की कमी होने से मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा। कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया।


कई बार दे चुके हैं लिखित में
रेजीडेंट डॉक्टर्स ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के प्रिन्सीपल को कई बार लिखित में दे चुके हैं। इसके बावजूद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्हे अनिश्चितकालीन हड़ताल करनी पड़ रही है।


हड़ताल जारी रहेगी
सोमवार को सभी रेजीडेंट डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शिवभगवान शर्मा से मिले।लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया। ऐसे में मंगलवार को फिर से बैठक बुलाई गई है। जब तक रेजीडेंट की हड़ताल जारी रहेगी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को भी रेजीडेंट एसोसिएशन ने ज्ञापन देकर मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर लगाने व वेतन दिलाने की मांग की।


कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, ग्राउंड लेवल पर कोई काम नहीं होने से ये परेशानी आ रही है। इस मामले में तीन-चार लोगों की समिति बनाकर रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजकर समस्या का समाधान करवाना चाहिए। जब तक समाधान नहीं होता है, हड़ताल जारी रहेगी।
डॉ. ललित पाटीदार, अध्यक्ष रेजीडेंट एसोसिएशन, मेडिकल कॉलेज, झालावाड़



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/srg-hospital-system-collapsed-due-to-resident-s-strike-8701018/

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