ड्राईवरों की हड़ताल समाप्त, सड़कों पर फिर दौड़े चक्के

.हिट एंड रन मामले में नए कानूनी प्रावधानों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे ट्रक ड्राइवरों ने बुधवार को प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि इससे पहले सोमवार से शुरू हुई ट्रकों की हड़ताल के कारण कई राज्यों से आने वाला जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई। हिट एंड रन मामले में नए कानूनी प्रावधानों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे ट्रक ड्राइवरों ने बुधवार को प्रशासन के आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म कर दी।

वहीं प्रशासन ने हड़ताल कर रहे ट्रक चालकों से काम पर लौटने की अपील की। बैठक के बाद जिले में भी हड़ताल वापस लेने पर सहमती बन गई है। इससे, पिछले दो दिनों से परेशानियों का सामना कर रहे जिलेभर के लोगों को राहत मिलेगी। राजस्थान रोडवेज की बसों के हड़ताल में शामिल होने से बसों के चक्के थम गए थे, जो हड़ताल समाप्ती के बाद फिर से सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। हड़ताल के कारण पेट्रोल-डीजल, दवाएं, फल-सब्जी और जरूरी चीजों का संकट पैदा होने लग गया था। जिलेभर में सुबह तक ट्रक व अन्य साधन हड़ताल के चलते नहीं चले। शाम को सूचना करने के बाद धीरे-धीरे चालू हुए।

रोडवेज बसों का संचालन से लाखों को नुकसान-

ट्रक चालकों की हड़ताल और चक्का जाम से रोडवेज के यात्रीभार पर असर पड़ा है। जिले एमपी की तरफ जानेवाली रोडवेज की बसों का संचालन प्रभावित रहा। इससे करीब 40 फीसदी यात्रीभार कम हुआ है। ऐसे में प्रतिदिन रोडवेज को लाखों रुपए का नुकसान हुआ।

आगर में लग गया था जमावड़ा-

हड़ताल के चलते जिले के बड़ी संख्या में ट्रक आगर में फंस गए थे। ट्रांसपोर्ट व्यापारी अनिल गुप्ता ने बताया कि एमपी के आगर में कल तक 500 से अधिक गाडिय़ा खड़ी, जो बुधवार को हड़ताल समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे काम पर चल गई, बुधवार को 100 के करीब थी, वो भी धीरे-धीरे बात कर अपने- अपने शहरों में माल पहुंंचाने के लिए निकल रही। एसोसिएशन की दिल्ली में वार्ता के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है। हड़ताल समाप्त हो गई- आइ इंडिया कांग्रेस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आव्हान पर मंगलवार रात को ही हड़ताल समाप्त हो गई। हमारी गडिय़ा बुधवार सुबह से ही लोड होकर चली गई है। इस बारे में कलक्टर से भी बात हुई है। अब कोई हड़ताल नहीं है। अब्दुल सलाम, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।

कहीं नहीं लिखा हुआ है-

चालकों में यह भ्रम हैं। इसे जानना जरूरी है। यह हिंट एंड रन कानून नहीं है। भारतीय न्याय संहिता में नए प्रावधान बने हैं, इसमें भी कहीं नहीं लिखा कि चालक को घटनास्थल से ही पुलिस को सूचना देनी है या घायल को अस्पताल चालक को ही लेकर जाना है। भीड़ है तो आप आगे जाकर सूचना दे सकते हैं।

अक्षय विश्नोई, जिला परिवहन अधिकारी,झालावाड़।

कुछ भ्रांतियां थी-

आज ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व ड्राईवरों के साथ बैठक वार्ता हुई है, जो सकारात्मक रही है। सरकार की मंशानूरूप उन्हे बता दिया गया है। वार्ता सकारात्मक रही। कुछ भ्रांतियां थी जिन्हे दूर किया गया है। इस पर वह हड़ताल समाप्त करने के लिए मान गए।

चिंरजीलाल मीणा, पुलिस उप अधीक्षक,झालावाड़।



source https://www.patrika.com/jhalawar-news/drivers-strike-ends-wheels-run-on-the-roads-again-8664996/

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